स्कूल लाइफ हमारे ज़िन्दगी का सबसे important phase होता है, जिसे हम कभी नहीं भूल पते | हर festival को एक साथ मिल कर कैसे मानते है ये हम स्कूल में ही सीखते है| मिल कर काम करना| हमें अपने आदतों और रूचि को develop करना सिखाया जाता है. किसी की रूचि गाना गाने में होती है तो कोई नाचना पसंद करता है| कोई ड्रामा में हिस्सा लेता है तो कोई खेल कूद में| किसी को अपनी बात पेंटिंग के जरिये कहनी आती है तो कोई अपनी भावनायों को कविता के रूप में प्रस्तुत करता है| ये सारा काम तो हम स्कूल से ही तो करना शुरे करते...
यही तो हमारी "मस्ती की पाठशाला" कहलाती है|




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